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श्रावण मास में उमड़ी तुंगारेश्वर में भक्तों की भीड़

रवीन्द्र मिश्रा

Aug 12, 2026 • 34 Views

श्रावण मास में उमड़ी तुंगारेश्वर में भक्तों की भीड़

श्रावण मास में उमड़ी तुंगारेश्वर में भक्तों की भीड़

रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई

श्रावण मास भगवान शिव का पवित्र महीना माना जाता है। मान्यता है कि इस महीने में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसलिए देश के सभी शिव मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ देखी जा रही है। कोई वहां कांवड़ लेकर आता है तो कोई अपनी श्रद्धा लेकर।

इसी तरह का नजारा महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई तालुका स्थित तुंगारेश्वर में देखने को मिला। समुद्र तट से 2177 फीट ऊंची पहाड़ियों पर स्थापित परशुराम कालीन शिव मंदिर तुंगारेश्वर में भगवान परशुराम ने तुंगा नामक दैत्य का वध किया था।

सोमवार को इस मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या लाख तक पहुंच गई। मंदिर के ट्रस्टी रमेश घोरकाना बताते हैं कि भक्त भोलेबाबा के दर्शन के लिए रविवार की रात से ही कतार लगाकर खड़े हो गए थे। रास्ते का अंधेरा भी श्रद्धालुओं का रास्ता नहीं रोक पाया। लोग अपने मोबाइल की टॉर्च जलाकर यहां तक पहुंचे थे।

क्या रास्ते में रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं है? के जवाब में रमेश घोरकाना कहते हैं कि सरकार ने इसके लिए 40 लाख रुपए का फंड भी आवंटित किया है। 102 बिजली के खंभों का सर्वेक्षण भी हो गया है। लेकिन वन विभाग के अड़ियल रवैए तथा सरकार की अनदेखी से शिव भक्तों को अंधेरे से गुजरना पड़ता है।

तुंगारेश्वर मंदिर के अन्य ट्रस्टी कमलाकर पाटिल तथा शनिवार भिमरा बताते हैं कि परशुराम कालीन इस मंदिर की देखभाल शिलाहार राजाओं के वंशज किया करते थे। उन्होंने मंदिर के लिए 1170 बीघा जमीन दान किया था। अंतराल के बाद अब मंदिर ट्रस्ट के पास मात्र 30 एकड़ जमीन बची है। वह भी तुंगारेश्वर में 25 एकड़ तथा शेषनाग पर 5 एकड़।

शिव भक्त विद्याधर भोईर कहते हैं कि जब से सरकार ने शिव भक्तों को आने-जाने के लिए यहां सड़क बना दी है, तभी से यहां वाहन से आने-जाने वाले भक्तों की संख्या बढ़ गई है। अब ट्रस्ट के पास पार्किंग की समस्या खड़ी हो गई है।

मंदिर प्रबंधन ने सरकार तथा वन विभाग से अनुरोध कर कहा है कि उन्हें अपनी जमीन पर शिव भक्तों की सुविधा के लिए शौचालय बनाने तथा पार्किंग बनाने की अनुमति प्रदान करे।

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