Home /

राम नाम का संकीर्तन ही भवसागर से पार लगाने का मार्ग: संत धीरेन्द्राचार्य

N

News Desk/ Shivkumar Shukla

Oct 26, 2026 • 46 Views

राम नाम का संकीर्तन ही भवसागर से पार लगाने का मार्ग: संत धीरेन्द्राचार्य

राम नाम का संकीर्तन ही भवसागर से पार लगाने का मार्ग: संत धीरेन्द्राचार्य

नरेन्द्र शुक्ल / संवाददाता

मल्लावां (हरदोई)। शांति सत्संग मंच के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय सत्संग एवं रामकथा का समापन पांचवें दिन देर रात हुआ। इस दौरान संतों और आचार्यों ने रामकथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, धर्म, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन का संदेश दिया।

हरदोई जनपद की प्रसिद्ध साध्वी पंछी देवी ने अपने प्रवचन में समाज में व्याप्त कुरीतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सामाजिक बुराइयों से मुक्ति पाने के लिए लोगों को भक्ति और सदाचार का मार्ग अपनाना चाहिए। उनके अनुसार, आध्यात्मिक विचारों और अच्छे आचरण के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

वहीं, चित्रकूट से पधारे संत धीरेन्द्राचार्य ने भगवान श्रीराम की महिमा का वर्णन करते हुए राम नाम के संकीर्तन का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि राम नाम का संकीर्तन मनुष्य को भवसागर से पार लगाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

इस धार्मिक आयोजन में भाजपा नेता राजेश पाठक, समाजसेवी विशाल जायसवाल और भाजपा नेता अभय शंकर शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पांच दिनों तक चले इस आयोजन में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और संतों के प्रवचन सुनकर धर्म लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम के आयोजक प्रकाश चंद्र गुप्ता, दिनेश चंद्र गुप्ता, उमेश चंद्र गुप्ता, संतोष चंद्र गुप्ता और अशोक चंद्र गुप्ता ने आयोजन की सफलता पर सभी संतों, आचार्यों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

#

Discussion

Get Latest News Alerts

Enable notifications for breaking news from RudraSahas.