रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई

साईं बाबा के जीवन पर आधारित मराठी फिल्म ‘पालखी’ के निर्माता विशाल खंदारे ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए घायल दुर्लभ पक्षी की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जानकारी के अनुसार, विशाल खंदारे अपने सहयोगी निखिल पाटिल के साथ मुंबई से इगतपुरी जा रहे थे। इसी दौरान खंडाला घाट के पास उन्हें सड़क किनारे एक पक्षी घायल अवस्था में दिखाई दिया। पक्षी को घायल देखकर उन्होंने तुरंत अपना वाहन रोका और उसकी मदद के लिए आगे आए।

विशाल खंदारे ने तत्काल साईं सहाय समिति के अध्यक्ष एवं पत्रकार राजू देवलेकर से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी। राजू देवलेकर ने मामले की सूचना वनरक्षक सुरेखा गुहाडे को दी।

सूचना मिलते ही वनरक्षक सुरेखा गुहाडे अपने सहयोगी योगेश जाधव के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने घायल पक्षी को अपने साथ लिया और उसके उपचार की व्यवस्था के लिए आगे की कार्रवाई शुरू की।

घायल पक्षी की मदद के लिए समय पर आगे आने और उसकी जान बचाने के प्रयास को लेकर फिल्म निर्माता विशाल खंदारे और पत्रकार राजू देवलेकर की सराहना की जा रही है। इस घटना ने वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय जिम्मेदारी का संदेश दिया है।