उज्जैन में अखिल भारतीय कायस्थ समाज का राष्ट्रीय सम्मेलन भव्यता के साथ संपन्न
रूद्र साहस न्यूज नेटवर्क
उज्जैन। अखिल भारतीय कायस्थ समाज का राष्ट्रीय सम्मेलन, राष्ट्रीय सम्मान समारोह और वैवाहिक परिचय सम्मेलन उज्जैन में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। विभिन्न संस्थाओं के सामूहिक सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 22 प्रांतों से हजारों की संख्या में चित्रांश बंधुओं ने भाग लिया। अंकपात स्थित चित्रगुप्त पीठ के अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव, दिनेश श्रीवास्तव और अतुल सक्सेना के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक एकता, शिक्षा, समाज के विकास और वैवाहिक संबंधों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
सम्मेलन में न्यायिक, सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े समाज के विशिष्ट लोगों ने अपने विचार रखे। उन्होंने कायस्थ समाज की एकता मजबूत करने, नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने और समाज के हितों की रक्षा के लिए मिलकर प्रयास करने पर जोर दिया।
वैवाहिक परिचय सम्मेलन में युवक-युवतियों को अपनी पसंद और पारिवारिक सहमति के अनुसार जीवनसाथी चुनने के लिए प्रोत्साहित किया गया। अभिभावकों के साथ पहुंचे विवाह योग्य युवक-युवतियों को एक-दूसरे को जानने और वैवाहिक संबंधों की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिला। इसके साथ ही ज्योतिष संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए समाज की ओर से निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई। आयोजन समिति ने बाहर से आए प्रतिभागियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था भी निःशुल्क की।
दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले महाकुंभ के दौरान कायस्थ समाज की ओर से आने वाले दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं को अपने स्तर पर निःशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष ने भी सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर दिनेश श्रीवास्तव ने रामघाट पर भगवान श्रीराम के पिता राजा दशरथ के अंतिम संस्कार स्थल से संबंधित स्थान को चित्रगुप्त घाट के नाम से स्थापित करने की मांग रखी। आयोजकों के अनुसार, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष ने इस मांग को तत्काल स्वीकार करते हुए सहयोग का आश्वासन दिया।
सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। प्रतिभागियों के लिए भोजन की व्यवस्था लगातार जारी रही, जिससे दूर-दराज से आए लोगों को सुविधा मिली।
आयोजन में नरेंद्र श्रीवास्तव, गोविंद नारायण श्रीवास्तव, गौरीशंकर भटनागर, सचिन सक्सेना, जयप्रकाश श्रीवास्तव (राष्ट्रीय अध्यक्ष, निष्पक्ष मीडिया), शैलेंद्र श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव (देवरिया), साधना श्रीवास्तव (लखनऊ), बी.के. सक्सेना, हरिप्रकाश श्रीवास्तव (कल्याण, मुंबई), जितेंद्र कुमार गौड़ (मंदसौर), प्रशांत श्रीवास्तव (अंबिकापुर), चंद्र श्रीवास्तव (अंबिकापुर), जितेंद्र गौर (मंदसौर), ओमप्रकाश श्रीवास्तव और प्रेम श्रीवास्तव (उज्जैन) सहित अनेक समाजबंधुओं का योगदान रहा।
सम्मेलन के माध्यम से समाज की एकजुटता, सामाजिक सहयोग और भावी पीढ़ी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का संदेश दिया गया।
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