महर्षि मारकंडेय प्राकट्योत्सव का समापन, संतों ने दिया भक्ति और शक्ति पूजा का संदेश

अश्विनी वालिया

कुरुक्षेत्र, । मारकंडा नदी के तट पर स्थित श्री मारकंडेश्वर महादेव मंदिर, ठसका मीरां जी में पांच दिवसीय महर्षि मारकंडेय प्राकट्योत्सव का समापन श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत-महात्मा उपस्थित रहे। संतों ने महर्षि मारकंडेय के तप, भगवान शिव की भक्ति और शक्ति पूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।

समापन समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी विद्या गिरी, महंत श्री बंसी पुरी, महंत चमन गिरी, महंत लक्ष्मी नारायण पुरी, महंत हरि नारायण गिरी, योगीनाथ तेज पाल, महंत ठाकर दास, महंत शिवानंद पुरी, महंत विजय पुरी, स्वामी रघुनाथ पुरी, स्वामी नित्यानंद पुरी, स्वामी जगदीश पुरी, स्वामी रामनाथ पुरी, स्वामी सीताराम, स्वामी माधव पुरी, कमल गिरी और महेश पुरी सहित अनेक संत-महापुरुष शामिल हुए।

यजमान परिवार के सदस्यों ने अखिल भारतीय श्री मारकंडेश्वर जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मंदिर के व्यवस्थापक महंत जगन्नाथ पुरी, कथावाचक आचार्य पंडित कमल कुश तथा अन्य संतों की उपस्थिति में महामृत्युंजय महायज्ञ की पूर्णाहुति दी। इस दौरान विद्वान ब्राह्मणों ने महामृत्युंजय मंत्र जाप का भी विधिवत समापन कराया। प्राकट्योत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीराम कथा का समापन भी पूर्णाहुति के साथ हुआ।

महामंडलेश्वर स्वामी विद्या गिरी ने मारकंडेय पुराण के महत्व और महर्षि मारकंडेय की तपस्या पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मारकंडेय पुराण में भगवान शिव के साथ शक्ति की पूजा का भी महत्व बताया गया है। इसलिए प्रत्येक देवता की पूजा के साथ शक्ति की आराधना भी करनी चाहिए। उन्होंने शरद पूर्णिमा के धार्मिक महत्व को बताते हुए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

महंत श्री बंसी पुरी ने कहा कि महर्षि मारकंडेय भगवान शिव के अनन्य भक्त और चिरंजीवी महापुरुष हैं। उनकी शिवभक्ति से यह संदेश मिलता है कि दृढ़ आस्था और भक्ति का जीवन में विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की भक्ति कल्याणकारी है और श्रद्धालुओं को सच्चे मन से उनकी आराधना करनी चाहिए।

अखिल भारतीय श्री मारकंडेश्वर जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत जगन्नाथ पुरी ने बताया कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस पांच दिवसीय प्राकट्योत्सव में दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने कहा कि महर्षि मारकंडेय प्राकट्योत्सव का आयोजन प्रत्येक वर्ष भव्य रूप से किया जाता है। इस धार्मिक आयोजन में शामिल होना श्रद्धालुओं के लिए सौभाग्य की बात है।

कथावाचक आचार्य पंडित कमल कुश ने कहा कि श्रीराम कथा का श्रवण जीवन का सौभाग्यपूर्ण अवसर है। उन्होंने धार्मिक आयोजनों को आस्था, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने वाला बताया।

समापन अवसर पर अश्विनी वालिया, मीडिया प्रभारी हरियाणा आरपीआई आठवले, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, पिहोवा के विधायक मनदीप चट्ठा, सरपंच मीणा कुमारी, राजेश शर्मा जलबेहड़ा, स्वामी संतोषानंद, स्वामी अमरदास, बिल्लू पुजारी, राकेश गोयल मूनलाइट, अश्विनी कुमार, जीत राम, परमजीत सिंह, विकास गर्ग, सतीश शर्मा, कृष्ण दत्त शर्मा, रविंद्र सैनी, जसदीप सिंह, राजेश शर्मा, कुलदीप सिंह, सुक्खा सिंह, नाजर सिंह, हरदेव सिंह, रीना देवी, मुकेश देवी, संतोष रानी, अंजलि गोयल और राकेश गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

फोटो कैप्शन: महर्षि मारकंडेय प्राकट्योत्सव के अवसर पर सत्संग करते महामंडलेश्वर स्वामी विद्या गिरी, महंत श्री बंसी पुरी, महंत जगन्नाथ पुरी और अन्य संत-महापुरुष। दूसरी तस्वीर में महामृत्युंजय महायज्ञ की पूर्णाहुति और भंडारे में शामिल संत-महापुरुष।