शंकर जगन्नाथ मिश्रा / वरिष्ठ संवाददाता
नवी मुंबई, 3 सितंबर। घनसोली क्षेत्र में पिछले आठ दिनों से नियमित जलापूर्ति नहीं होने से नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी की समस्या को लेकर गुरुवार को स्थानीय नागरिकों ने घनसोली विभागीय कार्यालय पर हंडा मोर्चा निकालकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सिर पर पानी के बर्तन लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय नागरिक आंदोलन में शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान कुछ नागरिकों ने मौके पर नहाकर और ब्रश कर प्रशासन का ध्यान जल संकट की ओर आकर्षित किया। विरोध के इस अनोखे तरीके की क्षेत्र में चर्चा रही। आंदोलन को देखते हुए विभागीय कार्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
प्रदर्शनकारियों ने नवी मुंबई महानगरपालिका के घनसोली विभागीय अधिकारी से मुलाकात कर जल्द नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की। नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि पानी की समस्या का तत्काल समाधान नहीं किया गया तो इससे भी उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस अवसर पर नगरसेवक सौरभ शिंदे ने प्रशासन और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजनीति करनी है तो उनके साथ की जाए, लेकिन गरीब जनता को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जनता की पानी की समस्या हल होती है तो जरूरत पड़ने पर वह इस्तीफा देने के लिए भी तैयार हैं।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार करीब एक माह पहले घनसोली की विभिन्न सोसायटियों के पदाधिकारियों ने वार्ड अधिकारी से मुलाकात कर जलापूर्ति की समस्या दूर करने की मांग की थी। उस समय नियमित जलापूर्ति का आश्वासन दिया गया था। कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन पिछले आठ दिनों से दोबारा अनियमित और कम दबाव में पानी मिलने से क्षेत्र में गंभीर जल संकट पैदा हो गया है।
प्रदर्शन में समाजसेवी विजय देशमुख, शशिकांत परब, अनंत म्हात्रे, राम नारायण, पांडुरंग सावंत, प्रभाकर भांबेरे, प्रवीण भांबेरे, सचिन आसबेजी, धर्मेंद्र शहाजी, अभिजीत पाटिल, राजू शेठ गावडे, सुनील मस्कर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।