नवी मुंबई में सप्ताह में एक दिन जलापूर्ति बंद करने की विधायक मंदा म्हात्रे की मांग, गणेश नाइक ने जताया विरोध
देविका भट
नवी मुंबई। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति और भविष्य में संभावित जल संकट को देखते हुए नवी मुंबई में सप्ताह में एक दिन पानी की आपूर्ति बंद करने की मांग उठी है। विधायक मंदा म्हात्रे ने जल संरक्षण के लिए यह सुझाव देते हुए महापौर और नगर आयुक्त से जल रिसाव रोकने, उपचारित पानी का पुनः उपयोग बढ़ाने और मोरबे बांध से गाद निकालने के प्रस्ताव पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की। हालांकि, वन मंत्री गणेश नाइक ने जल कटौती का विरोध करते हुए पानी का संयमित उपयोग करने और उसे दोबारा इस्तेमाल करने पर जोर दिया।
शनिवार को नवी मुंबई नगर निगम की ओर से आयोजित गणेशोत्सव प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह में विधायक मंदा म्हात्रे ने यह मुद्दा उठाया। कार्यक्रम में वन मंत्री गणेश नाइक, महापौर सुजाता पाटिल और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
म्हात्रे ने कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति के बावजूद नवी मुंबई में जल संसाधन उपलब्ध हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पानी का अंधाधुंध इस्तेमाल किया जाए। भविष्य में जल संकट से बचने के लिए अभी से जल संरक्षण और बेहतर नियोजन की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अच्छी बारिश के कारण मोरबे बांध पूरी तरह भर गया था, इसके बावजूद मई में नागरिकों को मटमैले पानी की समस्या का सामना करना पड़ा था। उन्होंने वाष्पीकरण के कारण जल भंडारण पर पड़ने वाले प्रभाव का उल्लेख करते हुए उपलब्ध पानी का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की आवश्यकता बताई।
विधायक ने कहा कि इस मुद्दे पर वह पहले भी नगर आयुक्त से मुलाकात कर चर्चा कर चुकी हैं। उन्होंने शहर में जल रिसाव रोकने, कार धुलाई केंद्रों और पुनर्विकास परियोजनाओं में पानी के उपयोग पर नियंत्रण रखने तथा बगीचों और वाहनों की धुलाई के लिए उपचारित पानी इस्तेमाल करने की मांग की।
म्हात्रे ने अनधिकृत रूप से पानी निकालने और पानी की बर्बादी पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि नगर निगम पहले कुछ अवैध पंप और मशीनरी जब्त कर चुका है, लेकिन संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की दंडात्मक कार्रवाई को लेकर स्पष्टता की कमी है। उन्होंने जल के अनधिकृत दोहन और अपव्यय को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं, वन मंत्री गणेश नाइक ने सप्ताह में एक दिन जलापूर्ति बंद करने के प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने पानी की कटौती करने के बजाय उपलब्ध जल का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने और उपचारित पानी के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
जल संरक्षण, जल रिसाव पर नियंत्रण और पानी के पुनः उपयोग को लेकर उठे इन मुद्दों के बीच नवी मुंबई में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर चर्चा तेज हो गई है।
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