राजेश दीनानाथ जायसवाल / आंचलिक संवाददाता
वसई। ग्रामीण क्षेत्र के निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोग के उद्देश्य से श्री राम शिक्षा सेवा संस्था, वसई की ओर से इस वर्ष श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। संस्था का मुख्य उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों की वार्षिक स्कूल फीस में सहयोग करना है, जो पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण फीस जमा करने में असमर्थ हैं।
संस्था के संस्थापक विपिन कुमार अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले ऐसे विद्यार्थियों का चयन किया जाता है, जो पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और सामान्यतः 60 से 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करते हैं। संस्था का प्रयास है कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी प्रतिभावान विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न हो।
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए इस वर्ष श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। संस्था द्वारा कथा आयोजन में अनावश्यक खर्च को सीमित रखते हुए अधिक से अधिक राशि बच्चों की शिक्षा के लिए बचाने का प्रयास किया जाएगा। संस्था का लक्ष्य नागरिकों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्र के करीब 300 से 400 मेधावी विद्यार्थियों की वार्षिक फीस भरने में सहायता करना है।
संस्था ने क्षेत्र के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों तथा शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े लोगों से इस सामाजिक कार्य में सहयोग करने की अपील की है। संस्था का कहना है कि किसी जरूरतमंद और प्रतिभावान बच्चे की शिक्षा में किया गया सहयोग उसके भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
श्री राम शिक्षा सेवा संस्था ने श्रद्धालुओं से श्री राम कथा में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ लेने के साथ-साथ शिक्षा के इस अभियान में सहभागी बनने का आग्रह किया है। कथा का श्रवण श्री रघुबीर दास जी के मुखारविंद से कराया जाएगा।