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असम बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आश्रमशाला के विद्यार्थियों ने अपने नाश्ते के पैसे बचाकर दिए 17,060 रुपये

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Entertainment Desk

Aug 07, 2026 • 17 Views

असम बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आश्रमशाला के विद्यार्थियों ने अपने नाश्ते के पैसे बचाकर दिए 17,060 रुपये

असम बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आश्रमशाला के विद्यार्थियों ने अपने नाश्ते के पैसे बचाकर दिए 17,060 रुपये

पालघर, 6 अगस्त 2026: समाज के प्रति संवेदनशीलता और मानवता का अनूठा उदाहरण जव्हार परियोजना के अतिदुर्गम क्षेत्र स्थित शासकीय आश्रमशाला, दाभेरी में देखने को मिला। आश्रमशाला के विद्यार्थियों ने अपने नाश्ते के लिए मिलने वाले पैसे बचाकर असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता हेतु 17,060 रुपये की राशि एकत्र की। यह राशि उन्होंने जव्हार परियोजना अधिकारी एवं सहायक जिला अधिकारी डॉ. अपूर्वा बासुर को सौंपी।

डॉ. अपूर्वा बासुर की प्रेरणा से आयोजित इस पहल ने विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, सहानुभूति और आपदा पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता की भावना को और मजबूत किया। अत्यंत दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों द्वारा अपने छोटे-से नाश्ते का त्याग कर की गई यह सहायता समाज के लिए प्रेरणादायक बन गई है।

इस अवसर पर सहायक परियोजना अधिकारी दीपक टिके, कार्यालय अधीक्षक योगेश भोये, शिक्षा विस्तार अधिकारी सोमनाथ धोंडे, विद्यालय के प्रधानाध्यापक डी. जे. जामनिक, तथा विद्यार्थी कुंदन वळे और दर्शना गांगोडा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. अपूर्वा बासुर ने विद्यालय में संचालित विभिन्न नवाचारपूर्ण गतिविधियों का अवलोकन किया और उनकी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना विकसित करने तथा व्यक्तित्व निर्माण से जुड़े ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों को निरंतर संचालित करने का आह्वान किया। साथ ही विद्यार्थियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

अतिदुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित इस महान सामाजिक भावना की सभी स्तरों पर सराहना की जा रही है। इस पहल ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि "मदद करने की भावना उम्र पर नहीं, बल्कि संस्कारों पर निर्भर करती है।"

यदि चाहें, मैं इसे समाचार एजेंसी (PTI/ANI) शैली, प्रेस विज्ञप्ति, या टीवी न्यूज़ स्क्रिप्ट के रूप में भी तैयार कर सकता हूँ।

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