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अयोध्या मंदिर की प्रतिकृति में विराजे ‘अंधेरी के राजा’, 61वें गणेशोत्सव में दिखेगी भव्य झांकी

Ravindra mishra

Sep 14, 2026 • 93 Views

अयोध्या मंदिर की प्रतिकृति में विराजे ‘अंधेरी के राजा’, 61वें गणेशोत्सव में दिखेगी भव्य झांकी

रवीन्द्र मिश्रा, वरिष्ठ संवाददाता
मुंबई। देशभर में मनाए जा रहे गणेशोत्सव के बीच अंधेरी पश्चिम के वीरा देसाई रोड स्थित आजाद नगर सार्वजनिक उत्सव समिति ने इस वर्ष अपने 61वें गणेशोत्सव के लिए अयोध्या मंदिर की प्रतिकृति पर आधारित भव्य मंडप तैयार किया है। इसी मंडप में ‘अंधेरी के राजा’ को विराजमान किया गया है।
समिति के प्रवक्ता उदय सालियन ने बताया कि इस वर्ष अयोध्या मंदिर की प्रतिकृति बनाकर उसमें बप्पा को विराजमान किया गया है। समिति के मार्गदर्शक मंडल के प्रमुख यशोधर (शैलेष) फणसे ने बताया कि श्रद्धालु यहां बप्पा को ‘नवसाचा पावणारा’, यानी मनोकामना पूर्ण करने वाले गणपति के रूप में मानते हैं। यही वजह है कि यहां भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
समिति की खास परंपरा यह है कि श्रद्धालु बप्पा की मूर्ति दान करने के लिए उत्सुक रहते हैं। समिति के अनुसार मंदिर में बप्पा को विराजमान करने के लिए अगले 100 वर्षों तक की बुकिंग हो चुकी है। प्रत्येक वर्ष लॉटरी निकालकर श्रद्धालुओं को बताया जाता है कि उनके द्वारा प्रदान की गई मूर्ति की पूजा किस वर्ष होगी।
अयोध्या मंदिर के मंडप का निर्माण करने वाले फिल्म जगत के प्रसिद्ध कला निर्देशक धर्मेश शाह ने बताया कि 14 हजार वर्ग फुट के लकड़ी के मंच पर 15 फुट ऊंचे 46 अलंकृत स्तंभों के साथ मंडप का निर्माण किया गया है। इसमें चार टन से अधिक इस्पात का इस्तेमाल किया गया है।
समिति के अध्यक्ष अशोक राणे ने बताया कि मंडल हर वर्ष सभी सरकारी नियमों का पालन करता है। इसी कारण अंधेरी के राजा उत्सव मंडल को शीर्ष 10 की श्रेणी में रखा गया है। यहां पहनावे के नियम से लेकर प्रसाद वितरण तक सभी नियमों का पालन किया जाता है।
मंडल के कोषाध्यक्ष सुबोध चिटनिस ने बताया कि इस उत्सव में बप्पा का साढ़े तीन किलो सोने के मुकुट से श्रृंगार किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए 23 करोड़ 52 लाख रुपये का बीमा कवरेज किया गया है। मंडप में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं के दर्शन के लिए अलग व्यवस्था की गई है। गणेशोत्सव के दौरान फिल्म जगत से जुड़े कई लोग भी यहां बप्पा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

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