सोनम शर्मा
जयपुर, 15 अक्टूबर। दिल्ली विश्वविद्यालय में करीब दो दशकों से शिक्षण कार्य कर रहे इतिहास विभाग के डॉ. सुरेन्द्र कुमार और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज के हिंदी विभाग की डॉ. लता को शिक्षा, शिक्षक-छात्र हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक प्रतिबद्धता के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। प्रभात पोस्ट की ओर से डॉ. सुरेन्द्र कुमार को ‘इंडियन आइकॉनिक ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड-2026’ और डॉ. लता को ‘इंडियन आइकॉनिक लेडी अवॉर्ड-2026’ प्रदान किया गया।
10 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित समारोह में राजस्थान सरकार की राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रफीक खान और प्रख्यात विद्वान एवं दूरदर्शन के पूर्व निदेशक नन्द भारद्वाज ने दोनों शिक्षकों को सम्मानित किया। ये सम्मान शिक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित करते हैं।
डॉ. सुरेन्द्र कुमार दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (DUTA) के तीन बार निर्वाचित कार्यकारी सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने शिक्षा के निजीकरण, सेल्फ-फाइनेंसिंग पाठ्यक्रमों और अस्थायी नियुक्तियों के खिलाफ अकादमिक लेखन एवं सक्रियता के माध्यम से आवाज उठाई है। विश्वविद्यालय में पत्रकारिता पाठ्यक्रम के वित्तपोषण से जुड़े मुद्दों पर दो दिवसीय हड़ताल सहित विभिन्न आंदोलनों में उनकी भागीदारी सार्वजनिक शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वह ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने के साथ शैक्षणिक स्वतंत्रता, विविधता और संस्थागत स्वायत्तता के पक्षधर रहे हैं।
वहीं, डॉ. लता दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल की दो बार निर्वाचित सदस्य रह चुकी हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रक्रियाओं और शिक्षक-छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। इसके अलावा, सतगुरु कृपा माता सावित्री देवी ट्रस्ट के माध्यम से दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के संसाधनविहीन वर्गों को शिक्षा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं।
दोनों शिक्षक विश्वविद्यालयों को स्वतंत्र विचार, लोकतांत्रिक संवाद और विविधता के केंद्र के रूप में देखते हैं। डायलॉग फॉर एकेडमिक जस्टिस एवं दिल्ली यूनिवर्सिटी एकेडमिक फोरम में संयोजक और सहसंयोजक के रूप में उनकी सक्रियता शिक्षक अधिकारों, विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत बनाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रभात पोस्ट के ये सम्मान शिक्षा, समाज और विद्यार्थियों के प्रति उनके दीर्घकालीन योगदान की पहचान हैं।
Join the discussion (0 approved)
No approved comments yet. Be the first to join the discussion.