एस. के. शुक्ला

पालघर, 14 अक्टूबर 2026। वाढवण बंदर परियोजना से प्रभावित भू-स्वामियों को मुआवजा और अन्य पात्र लाभ पारदर्शी तरीके से तथा समय पर दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी ने उपविभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रत्येक लंबित मामले के निपटारे के लिए अगले 10 दिनों में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी है। कुछ मामलों में आवश्यक दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों की जांच, उत्तराधिकार दर्ज करने और संपत्ति में हिस्सेदारी की गणना जैसी प्रक्रियाएं लंबित हैं। जिलाधिकारी ने इन मामलों की व्यक्तिगत और सामूहिक समीक्षा कर भू-स्वामियों की सुविधा के अनुसार निपटारा करने को कहा।

दोनों उपविभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय से प्रत्येक मामले की वर्तमान स्थिति, आवश्यक दस्तावेजों और आगे की कार्रवाई का विवरण शामिल करते हुए अलग-अलग कार्ययोजना तैयार करनी होगी। प्रशासनिक स्तर पर निपटाए जा सकने वाले मामलों में दस्तावेजों की पूर्ति और अभिलेखों की जांच कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

**25 अक्टूबर को लगेगा विशेष शिविर**

भू-स्वामियों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत देने के लिए 25 अक्टूबर 2026 को जिला नियोजन समिति (DPC) सभागार, जिलाधिकारी कार्यालय, पालघर में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। जिलाधिकारी की उपस्थिति में होने वाले इस शिविर में लंबित मामलों के दस्तावेज पूरे कराने, राजस्व अभिलेखों में सुधार और संबंधित लोगों की शंकाओं का समाधान किया जाएगा। शिविर का समय ग्राम पंचायत और तलाठी कार्यालय के माध्यम से सूचित किया जाएगा।

**विवादित मामलों में न्यायिक प्रक्रिया का सहारा**

जिन मामलों में मालिकाना हक, उत्तराधिकार या संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर विवाद है और प्रशासनिक स्तर पर निर्णय संभव नहीं है, उन्हें सक्षम न्यायिक प्राधिकरण के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में भी संबंधित भू-स्वामियों का मुआवजे पर दावा करने का अधिकार प्रभावित नहीं होगा।

जिला प्रशासन ने प्रभावित भू-स्वामियों से आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित उपविभागीय अधिकारी कार्यालय से संपर्क करने अथवा विशेष शिविर में उपस्थित रहने की अपील की है। साथ ही, मुआवजे और भूमि अधिग्रहण के संबंध में किसी मध्यस्थ या अन्य व्यक्ति के वादों पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी गई है। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी केवल सरकारी तंत्र के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशासन के अनुसार, वाढवण बंदर परियोजना देश के आर्थिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। परियोजना से प्रभावित सभी पात्र भू-स्वामियों को उनका उचित अधिकार सम्मानपूर्वक और कानूनी प्रक्रिया के तहत दिलाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।