रवीन्द्र मिश्रा | मुंबई
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देश-दुनिया के इस्कॉन मंदिरों में दो दिवसीय जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान मंदिरों को विभिन्न प्रकार के फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। नालासोपारा इस्कॉन मंदिर के एचजी मधुमंगलदास प्रभु जी के अनुसार, विश्वभर के इस्कॉन मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
जन्माष्टमी के दिन मंदिरों में पंचामृत अभिषेक, पुष्प अभिषेक और भजन-कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। भगवान श्रीकृष्ण के भक्त सुबह से लेकर मध्यरात्रि में उनके जन्म तक व्रत रखेंगे। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के बाद भक्त भगवान को भोग अर्पित कर प्रसाद और फलाहार ग्रहण करेंगे।
जन्मोत्सव के दूसरे दिन नंदोत्सव के साथ इस्कॉन के संस्थापक श्रील प्रभुपाद का आविर्भाव दिवस भी मनाया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर में व्यास पूजा, आविर्भाव दिवस समारोह और नंदोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा। भक्त पारंपरिक भजनों के साथ मंदिर की परिक्रमा करेंगे और ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ जैसे भजनों से वातावरण भक्तिमय बनाएंगे।
मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण की भी व्यवस्था रहेगी। आयोजकों के अनुसार, कुछ इस्कॉन मंदिरों में जन्मोत्सव से जुड़े कार्यक्रम दो दिन के बजाय चार दिन तक भी आयोजित किए जाते हैं।
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