# सूखे के हालात के बीच मुंबई में शीतकालीन सत्र कराने की मांग, मनोज भाऊ चव्हाण ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

      सुर्यप्रकाश   दुबे | 

**मुंबई।** महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए शीतकालीन विधानसभा सत्र नागपुर के बजाय मुंबई में आयोजित करने की मांग उठी है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के महासचिव मनोज भाऊ चव्हाण ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन सौंपकर इस संबंध में उचित निर्णय लेने की अपील की है।

चव्हाण ने ज्ञापन में कहा कि राज्य के कुछ क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से पानी और पशुओं के चारे की कमी की समस्या गंभीर होती जा रही है। इसका असर किसानों और आम नागरिकों पर पड़ रहा है। ऐसे समय में सरकार को खर्च में मितव्ययिता बरतते हुए संकटग्रस्त लोगों को राहत पहुंचाने को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि नागपुर में शीतकालीन विधानसभा सत्र आयोजित करने के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा व्यवस्था, आवास और परिवहन सहित विभिन्न प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर खर्च होता है। मुंबई में विधानमंडल से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। ऐसे में दोनों स्थानों पर सत्र आयोजित करने की लागत की तुलना कर संभावित बचत का आकलन किया जाना चाहिए।

मनोज भाऊ चव्हाण ने सुझाव दिया कि यदि मुंबई में सत्र आयोजित करने से सरकारी खर्च में बचत होती है, तो उस राशि का उपयोग सूखा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों, पेयजल उपलब्ध कराने, पशुओं के लिए चारा शिविर लगाने और संकटग्रस्त किसानों की सहायता करने में किया जा सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई में सत्र आयोजित करने की मांग नागपुर या विदर्भ क्षेत्र के विरोध में नहीं है, बल्कि संकट का सामना कर रहे लोगों को राहत पहुंचाने की भावना से की गई है। चव्हाण ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से सर्वदलीय सहमति के आधार पर निर्णय लेने की अपील की है।

इस ज्ञापन की प्रतियां विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति को भी भेजी गई हैं। चव्हाण ने कहा कि सरकारी खर्च का प्रत्येक रुपया जनहित में इस्तेमाल होना चाहिए और संभावित बचत का लाभ सूखा प्रभावित गांवों, किसानों तथा पशुधन को मिलना चाहिए।