रवीन्द्र मिश्रा

मुंबई। नवरात्रि के पावन अवसर पर मुंबई सेंट्रल के पास स्थित 42 टेनामेंट इमारत में विराजित मुंबई सेंट्रल की राजमाता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मां के दर्शन, पूजा-अर्चना और आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। मुंबई सेंट्रलची राजमाता उत्सव मंडल की ओर से आयोजित इस उत्सव में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा को भी विशेष महत्व दिया गया है।

मंडल के अध्यक्ष राजेश हजारे ने बताया कि अश्विन नवरात्रोत्सव के नौ दिनों में मां दुर्गा सप्तशती के अनुरूप देवी के नौ स्वरूपों की सजावट कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। अब तक श्रद्धालु मां के शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता और कात्यायनी स्वरूप के दर्शन कर चुके हैं। नवरात्रि के आगामी दिनों में भक्त मां कालरात्रि, सिद्धिदात्री और महागौरी के स्वरूप के दर्शन करेंगे।

माता के मंडप में दुर्गा सप्तशती के मंत्रों की गूंज श्रद्धालुओं को भक्तिभाव से जोड़ रही है। आरती के समय बड़ी संख्या में भक्त एकत्र होते हैं और मां की आराधना करते हैं। पूरे परिसर में नवरात्रि के दौरान धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है।

मुंबई सेंट्रल के मूर्तिकार सुरेंद्र करगुटकर द्वारा मां की प्रतिमा बनाई गई है। प्रतिमा की सजावट का कार्य मानसी पुजारे, मयूरेश पेडणेकर और अक्षय पेडणेकर ने किया है। आकर्षक साज-सज्जा और देवी के विभिन्न स्वरूपों की प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है।

इस वर्ष मुंबई सेंट्रलची राजमाता उत्सव मंडल अपने 48वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस अवसर पर मंडल की ओर से धार्मिक कार्यक्रमों के साथ विभिन्न सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इनमें आधार कार्ड शिविर, मेडिकल शिविर और हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम शामिल हैं। इन आयोजनों के माध्यम से मंडल ने धार्मिक उत्सव के साथ सामाजिक सहभागिता को भी महत्व दिया।

नवरात्रोत्सव के समापन पर नवचंडी हवन और महाभंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से मुंबई सेंट्रलची राजमाता उत्सव मंडल आस्था, परंपरा और जनसेवा के समन्वय को आगे बढ़ा रहा है। मां के दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ उत्सव के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाती है।