जगदीश प्रसाद

मीरजापुर। अरंगी सरपती गांव स्थित नंदजा देवी धाम में शतचंडी यज्ञ की तैयारियों के बीच धर्मशाला का ताला खुलवाने को लेकर हुआ विवाद ग्रामीणों के सहयोग से शांत हो गया है। हालांकि, यज्ञ की आयोजिका ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही है।

यज्ञ की आयोजिका नीलम उर्फ उमादेव्याम्बा ने आरोप लगाया कि धर्मशाला में लंबे समय से ताला बंद है और नवरात्र के दौरान पूजा-अनुष्ठान कर रहे वेदपाठी पंडितों का सामान बाहर फेंकवा दिया गया। वहीं, पूर्व प्रधान सूर्यबली यादव ने कहा कि धर्मशाला का निर्माण सार्वजनिक सहयोग से हुआ है, इसलिए धार्मिक एवं धर्मार्थ कार्यों में इसके उपयोग पर रोक नहीं लगनी चाहिए।

बताया गया कि करीब एक सप्ताह पहले ताला खुलवाने को लेकर हंगामा हुआ था। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा था। फिलहाल, ग्रामीणों के सहयोग से माहौल सामान्य होने के बाद धार्मिक आयोजन की तैयारियां आगे बढ़ रही हैं।