वसई में सड़क हादसे ने छीनी मां-बेटी की जिंदगी, 

भारी वाहनों पर उठे सवाल

सुनील  शुक्ल

वसई। नवरात्रि के पावन पर्व पर मां जीवदानी देवी के दर्शन करने निकलीं कविताबाई पाल और उनकी चार वर्षीय बेटी आराध्या पाल की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बाइक से जा रही मां-बेटी को एक टैंकर ने जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे से परिवार में मातम पसरा है। घटना ने वसई-विरार क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कविताबाई पाल अपनी चार वर्षीय बेटी आराध्या के साथ बाइक से मां जीवदानी देवी के दर्शन के लिए निकली थीं। इसी दौरान रास्ते में एक टैंकर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

धार्मिक आस्था के साथ शुरू हुआ मां-बेटी का सफर कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। जिस मासूम बेटी को लेकर मां देवी के दर्शन के लिए निकली थीं, उनकी यह यात्रा अधूरी रह गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक का माहौल है।

स्थानीय नागरिकों ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया है। उनका कहना है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करने, भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने, यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने और नियमित जांच की व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है। जिन मार्गों पर दोपहिया वाहनों के साथ भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है, वहां विशेष सतर्कता बरतने की मांग भी उठ रही है।

इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब सवाल यह है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभाग क्या ठोस कदम उठाते हैं। कविताबाई पाल और उनकी मासूम बेटी आराध्या की मौत ने सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और सतर्कता की आवश्यकता को फिर उजागर किया है।