सोनम शर्मा /संवाददाता
जयपुर। 23 सितंबर 2026। स्वर्गीय निर्मला शर्मा की शोकसभा 23 सितंबर 2026 को टोंक फाटक के निकट किसान मार्ग स्थित शर्मा भवन में आयोजित की गई। इस अवसर पर परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनके देवर एवं पूर्व एनएसयूआई महासचिव राजकुमार शर्मा ने भावुक होकर कहा कि भाभी निर्मला शर्मा ने उन्हें अपने बच्चे की तरह प्यार और दुलार दिया। गलती होने पर वह मां और भाई की डांट-फटकार से भी बचा लेती थीं। उन्होंने कहा कि मां के बाद भाभी ही थीं, अब वह भी छोड़कर चली गईं। उन्होंने दिवंगत आत्मा को ईश्वर के श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की।
छोटी ननद माया शर्मा ने कहा कि बड़ी भाभी ने अपना फर्ज निभाने में कभी कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने मां और भाभी दोनों का फर्ज निभाया, जिससे कभी मां की कमी महसूस नहीं हुई।
विजय कुमार शर्मा ने कहा कि निर्मला शर्मा ने धर्मपत्नी का फर्ज आजीवन पूरी निष्ठा से निभाया और परिवार के प्रति समर्पित रहीं। वह समय पर नाश्ता, भोजन, बच्चों के टिफिन और घर के सभी काम करती थीं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि ईश्वर ने ऐसे समय में उन्हें बुला लिया, जब बहुओं की सेवा का सुख मिलने वाला था।
पुत्र विष्णु और विवेक ने कहा कि जब उन्हें मां की सेवा करने का अवसर मिला, तभी ईश्वर ने वह मौका उनसे छीन लिया। बहू आरती शर्मा ने नम आंखों से कहा कि उन्हें सास और मां दोनों का प्यार मिला। उन्होंने कहा कि ऐसी सास पाकर वह काफी खुश थीं, लेकिन उन्हें उनकी सेवा करने का अवसर नहीं मिल पाया।
वरिष्ठ पत्रकार शिवशंकर शुक्ल ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि करीब पांच साल तक उन्होंने निर्मला शर्मा के हाथ का भोजन किया। वह परिवार के रिश्तेदार या मोहल्ले के रहने वाले नहीं, बल्कि उनके देवर के मित्र थे। इसके बावजूद निर्मला शर्मा ने उन्हें कभी पराया नहीं समझा। उन्होंने बताया कि सुबह उनके सोकर उठने से पहले ही चाय और नाश्ता तैयार मिल जाता था। उस समय परिवार में कमाने वाले केवल बड़े भाई विजय कुमार शर्मा थे और परिवार में छह लोग थे। इसके बावजूद निर्मला शर्मा ने कभी किसी के प्रति शिकायत नहीं की और सभी को प्रेम, स्नेह व दुलार दिया।
शिवशंकर शुक्ल ने कहा कि ऐसी ममतामयी भाभी को भुलाया नहीं जा सकता। उनके जाने के बाद केवल उनकी यादें शेष रह गई हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अंतिम समय में उनसे मिलने और उनका आशीर्वाद लेने का अवसर नहीं मिल सका, जिसका उन्हें हमेशा मलाल रहेगा। उन्होंने दिवंगत निर्मला शर्मा की आत्मा की शांति और ईश्वर के श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की।
कल्याण सहाय शर्मा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि निर्मला शर्मा मृदुभाषी और मिलनसार थीं। उनके यहां जाने पर कभी ऐसा महसूस नहीं होता था कि किसी रिश्तेदार के घर नहीं आए हैं। उनमें अपनापन था और उनकी जितनी तारीफ की जाए, कम है।
इस अवसर पर विजय कुमार शर्मा ने बताया कि बाल 26 सितंबर को और बारहवीं 28 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
Join the discussion (0 approved)
No approved comments yet. Be the first to join the discussion.